औबेदुल्लागंज। रायसेन जिले के भोजपुर पर्यटन क्षेत्र में रातापानी अभयारण्य  की सैर आपका मन मोह लेगी। अभ्यारण में जंगल सफारी के साथ कई ऐसे स्पार्ट मिल जाएंगे जिसमें आपको भिन्न-भिन्न प्रकार के पशु पक्षी देखने मिलेंगे। राजधानी भोपाल एवं सीहोर की यात्रा करने वाले पर्यटकों को भोपाल से 48 किलो मीटर तक का यह क्षेत्र मन को मोह लेने वाला है।
अभ्यारण क्षेत्र में पर्यटकों को लुभाने के साथ-साथ वन विभाग ने वहां रहने वाले समुदाय को वन संपदा से ही आत्मनिर्भर का प्रयास किया है। इसी में से एक है औबेदुल्लागंज विकास खण्ड के अंतर्गत आने वाला बमनई ग्राम । यह ग्राम सलकनपुर सड़क मार्ग पर स्थित है, यहां की वनपाल शशी ने इस क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने समूह के माध्यम से कई देशी उत्पाद बनाकर शहर के नागरिकों को खरीदी के लिए प्रेरित किया है। रातापानी जंगल के किनारे स्थित बमनाई गांव,बरेला आदिवासी समुदाय का घर है। शशि एक शिल्प पहल का नेतृत्व करती हैं जहाँ आदिवासी महिलाएँ पूरी तरह से आत्मनिर्भर तरीके से सुंदर कागज़ की लुगदी उत्पाद बनाती हैं।

अभयारण्य में पर्यटक वन्य प्राणी को काफी करीब से देख सकें इसके लिए झिरी से करमई तक 40 किमी का ट्रैक तथा देलावाड़ी गेट से 20 किलोमीटर का ट्रैक बनाया गया है। पर्यटक अपने वाहनों के अलावा सफारी वाहनों का उपयोग भी कर सकते हैं। पर्यटक झिरी, बरखेड़ा और देलावाड़ी के तीनों गेटों पर बुकिंग करने के अलावा आनलाइन बुकिंग भी करा सकेंगे। इसके लिए पर्यटकों को 750 रुपये फीस, 480 रुपये गाइड फीस के साथ तीन हजार रुपये वाहन शुल्क चुकाने होंगे।

 

 

टाइगर रिजर्व का कोर और बफर एरिया

  • रातापानी का एरिया- 823.065 वर्ग किमी
  • रायसेन का वन क्षेत्र- 688.034 वर्ग किमी
  • सीहोर का वन क्षेत्र- 135.031 वर्ग किमी
  • कोर एरिया- 763.812 वर्ग किमी
  • बफर एरिया- 59.253 वर्ग किमी

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